कुछ ईंटों के जवाब पत्थरों में छिपे होते हैं , कुछ चाहतों के जवाब फूलों में छिपे होते हैं । तुम गुलशन में जाओ तो हस..
रंज = शिकायत शिकस्त = हार सुकूँ = शान्ति मयस्सर = हासिल..
फ़नकार = artist बयां = narrate..
रंज रख कर दिल में अब और न जिया जाए गा, तंज़ किसी ज़ुबान का अब और न सहा जाए गा। * वो बरसते हुए बादल के नीचे ..
अख़लाक = शिष्टाचार/courtesy एहतराम = आदर/respect उन्स = लगाव, दोस्ती/attachment friendship बे-हिसी = असंवेदनशीलता/insensitivit..
लिखने दो कोई कहानी बारिश की बूँदों को, काँच की इन खिड़कियों पे। एहसास पहचान ना ले देख ना ले कोई तुम को, डाल दो पर..
ख्वाबों की उड़ान तूने देखी नहीं अभी, बे-पर की परी शायद देखी नहीं कभी। मौजें जो बहर से उठती हैं बहर में समा जाती हैं..
गुंचा = कली हसद = जलन फना = नष्ट रंज = नाराज़गी..
बड़ी भीड़ थी उन राहों पे, सो लिया रास्ता मैंने सब से अलग। ~~ मेरे लफ्ज़ वो समझे नहीं, कुछ खफा हुए, कुछ मुकर गए, ..
..