Category: शायरी

“जवाब” ~अरशफा
“जवाब” ~अरशफा

कुछ ईंटों के जवाब पत्थरों में छिपे होते हैं , कुछ चाहतों के जवाब फूलों में छिपे होते हैं । तुम गुलशन में जाओ तो हसीन कलियाँ ही चुनना, ..

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“सुकूँ” ~अरशफा
“सुकूँ” ~अरशफा

रंज = शिकायत शिकस्त = हार सुकूँ = शान्ति मयस्सर = हासिल..

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“फ़नकार” ~अरशफा
“फ़नकार” ~अरशफा

फ़नकार = artist बयां = narrate..

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“न सहा जाएगा” ~अरशफा
“न सहा जाएगा” ~अरशफा

रंज रख कर दिल में अब और न जिया जाए गा, तंज़ किसी ज़ुबान का अब और न सहा जाए गा। * वो बरसते हुए बादल के नीचे खड़ा हो गया, लगता है,..

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“ना मिलें” ~अरशफा
“ना मिलें” ~अरशफा

अख़लाक = शिष्टाचार/courtesy एहतराम = आदर/respect उन्स = लगाव, दोस्ती/attachment friendship बे-हिसी = असंवेदनशीलता/insensitivity गिले ..

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“काँच की खिड़कियां” ~अरशफा
“काँच की खिड़कियां” ~अरशफा

लिखने दो कोई कहानी बारिश की बूँदों को, काँच की इन खिड़कियों पे। एहसास पहचान ना ले देख ना ले कोई तुम को, डाल दो परदे, काँच की इन खि..

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“बे-पर की परी” ~अरशफा
“बे-पर की परी” ~अरशफा

ख्वाबों की उड़ान तूने देखी नहीं अभी, बे-पर की परी शायद देखी नहीं कभी। मौजें जो बहर से उठती हैं बहर में समा जाती हैं, बूँद जो मोती बन..

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“गुंचा” ~अरशफा
“गुंचा” ~अरशफा

गुंचा = कली हसद = जलन फना = नष्ट रंज = नाराज़गी..

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“सब से अलग” ~अरशफा
“सब से अलग” ~अरशफा

बड़ी भीड़ थी उन राहों पे, सो लिया रास्ता मैंने सब से अलग। ~~ मेरे लफ्ज़ वो समझे नहीं, कुछ खफा हुए, कुछ मुकर गए, गलत तो कहा नहीं, ..

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“जां निसारी” ~अरशफा