Category: शायरी

धुंध की चादर ~अरशफा
धुंध की चादर ~अरशफा

धुंध की चादर ओढ़े इक हसीन सी सुबह !ऐसे लगता है मानो कुदरत कोई राज़ छिपा रही हो,या फिर कोई दुल्हन अपने ही घूँघट में सिमटी जा रही हो।इक ठंडी सी सिहरनकि ..

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इक हसीन गुलाब 🌹 ~अरशफा
इक हसीन गुलाब 🌹 ~अरशफा

🌹कुछ फूलों का मौसम होता है, और कुछ फूल अपना मौसम खुद बना लेते हैं। गुलाब तो अक्सर खिलते हैं लेकिन, वो इक गुलाब सब से हसीन होता है जो सिर्फ़ हमारे लिए ..

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क्यूँ ? ~ अरशफा
क्यूँ ? ~ अरशफा

हम क्यूँ चलते रहते हैं ?कहीं थम क्यूँ नहीं जाते ?तपती हवा की मानिंद बस बहते रहते हैं।वक़्त की कमी हर वक़्त क्यूँ बनी रहती है ?घड़ी की सुइयों पर कदम रख..

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कुछ रह जाता है  ~अरशफा
कुछ रह जाता है ~अरशफा

सब कुछ कहने के बाद भी, कहने को कुछ रह ही जाता है। कितना कुछ सुनती हूँ, पर जो सुनना चाहती हूँ वो कह नहीं पाता है। शायद ये भाग में नहीं मेरे, या शायद..

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ये कौन चित्रकार है? ~अरशफा
ये कौन चित्रकार है? ~अरशफा

हर लम्हा, हर बात को कह कर बताना लाज़िम नहीं होता। हर वक़्त बोलने से ज़ुबान का वज़न कुछ कम सा हो जाता है। बाज़ दफ़ा ख़ामोश रह कर देखना चाहिए कि कौन आप..

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मैं ~अरशफा
मैं ~अरशफा

मोम तो रही नहीं पत्थर भी ना बन सकी, पहले सी ताज़ा नहीं पुरानी नहीं हुई अभी, सब से जुदा थी सो, सब से जुदा हो गई, मैं, जितना भी तुम को मिली उतना ही त..

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सिर्फ़ ~अरशफा
सिर्फ़ ~अरशफा

कभी-कभी जो बादल से बरसता है वो सिर्फ़ पानी नहीं होता,इश्क़ सिर्फ़ इश्क़ होता है,अल्फ़ाज़ बता सकें ऐसा ज़ुबानी नहीं होता। कभी-कभी जो आँख से बहता है ..

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अजीब बात ~ अरशफा
अजीब बात ~ अरशफा

ये बात बड़ी अजीब है कि जब कोई किसी की नज़रों से गिरता है तब चोट गिरने वाले को नहीं लगती। झटका देखने वाले को लगता है, तकलीफ़ देखने वाले को होती है। गिर..

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भारत का चाँद ~अरशफा
भारत का चाँद ~अरशफा

कभी सोने की चिड़िया था आज हीरे की खान है, रोके ना रुका झुकाए ना झुका, ये भारत का समय है मुट्ठी में इस की चाँद है। ~अरशफा Congratulations Bharat..

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अभिव्यक्ति  ~अरशफा
अभिव्यक्ति ~अरशफा

कंठ = गला नेत्रों = आँखों अश्रु = आँसू अभिव्यक्ति = प्रकट करना, प्रकाशन..

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