Category: शायरी

“चलती रही” : अरशफा
“चलती रही” : अरशफा

मैं बहुत देर तक यूँ ही चलती रही। रात की खामोशी का शोर सुना, दिन की भीड़ में मैं तन्हा हुई, मैं बहुत देर तक यूँ ही चलती रही। * जिन में ख..

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सर्दियों के दिन ~ अरशफा
सर्दियों के दिन ~ अरशफा

सर्द मौसम में मुझे दो चीज़ों की तलाश रहती है; गुनगुनाती हसीन धूप और माँ के हाथ की बनी लजी़ज़ पिन्नी। जिस दिन ये दोनों मिल जाते हैं तो लगता है सर्दि..

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“दिल”  ~ अरशफा
“दिल” ~ अरशफा

दिल, तू कितनी बार टूटेगा ?! हर मोड़ पे अटक तू जाता है, हर बात पे चटक तू जाता है, मुझे और भी कई काम हैं तू कितनी बार टूटेगा ?! ❤️‍🩹 ..

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“इक बार” ~अरशफा
“इक बार” ~अरशफा

Once, I saw her smiling, since then, I never went sad! ~Poonam {Pic: Self-portrait}..

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“बारिश” ~अरशफा
“बारिश” ~अरशफा

उफ़्फ़ ! ये रात की बारिश और सुबह की मुस्कान ! ~अरशफा {Photo clicked at the backyard}..

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“ज़रूरी नहीं था” ~अरशफा
“ज़रूरी नहीं था” ~अरशफा

हर चीज़ को बदलना ज़रूरी नहीं था, सब कुछ नया करना ज़रूरी नहीं था। ✉️ खत लिखते थे लोग तो लफ़्ज़ों में लज़्ज़त होती थी, सभी का पढ..

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दीवारें ~अरशफा
“ऐ ज़िंदगी ” ~अरशफा
“ऐ ज़िंदगी ” ~अरशफा

ज़िंदगी अब कुछ और दिखा रंज, सितम, घुटन ये बहुत हुआ, कुछ नया सोच, कुछ बड़ा बना ऐ ज़िंदगी, कुछ और दिखा । क्या हुआ उस प्यार का जिसका मुझसे..

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“वो लम्हे” ~अरशफा
“वो लम्हे” ~अरशफा

रंग देते हैं हर इक लफ़्ज़ मेरा हर साँस मेरी महकाते हैं, वो उल्फ़त के लम्हे कम ही सही पर जान मेरी बन जाते हैं । 🌹 वो अश्क़ ही क्या ..

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“गुमशुदा” ~अरशफा
“गुमशुदा” ~अरशफा

गुमशुदा से हो गए हैं कोई तो ढूँढ ले हमें, ऐसा हसीन नाम दे जो कर मशहूर दे हमें । *रातों को उठ-उठ कर चाँद देखने वाले, आफ़ताब में रौशन..

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