चाँद तारों को तोड़ना नहीं बस सूरज की राह देख रही हूँ, ख्वाब बहोत सजा लिए ताबीर होने की राह देख रही हूँ, गुफ्तगू में पड़ना नहीं कुछ कर ..
..
{Lockdown Shyaari} आसमान कुछ ज़्यादा नीला हो गया है। परिंदे गा रहे हैं, फूल मुस्कुरा रहे हैं अब तो सूरज भी कुछ ज़्यादा पीला हो गया है । बस..
सूरज के उगने से ले कर सूरज के डूबने तक का, पूरा नज़ारा होना चाहिए घर ऐसा होना चाहिए। 🏡 जहाँ परिंदे दिनभर गीत सुनाऐं, हवा ज़ुल्फ..
चलते-चलते जो थक कर बैठा तो यही अंजाम निकला, वो करार जिसे मंज़िल था समझा रहगुज़र निकला । ना हसरतों को पा के कुछ हुआ ना ख्वाबों की ताबीर..
“Covid Era has prompted us to change our lifestyle. It is urging to spend less on lipsticks & invest more on our ‘Smile’. Smile, that doesn’t collapse..
सुना है उस की आँखें आइना हैं, चलो अपना चेहरा देख आओ ज़रा। मुद्दत हुई साथ गैरों के रहते तुम्हें, जाओ खुद से ही मिल आओ ज़रा। बन्द कमरे में..