Category: शायरी

“राह देख रही हूँ” ~अरशफा
“राह देख रही हूँ” ~अरशफा

चाँद तारों को तोड़ना नहीं  बस सूरज की राह देख रही हूँ, ख्वाब बहोत सजा लिए ताबीर होने की राह देख रही हूँ, गुफ्तगू में पड़ना नहीं कुछ कर ..

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“उलझे  रिश्ते” ~अरशफा
“कुछ ज़्यादा” ~अरशफा
“कुछ ज़्यादा” ~अरशफा

{Lockdown Shyaari} आसमान कुछ ज़्यादा नीला हो गया है। परिंदे गा रहे हैं, फूल मुस्कुरा रहे हैं अब तो सूरज भी कुछ ज़्यादा पीला हो गया है । बस..

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“ज़िंदगी” ~अरशफा
“घर ऐसा होना चाहिए” ~अरशफा
“घर ऐसा होना चाहिए” ~अरशफा

सूरज के उगने से ले कर सूरज के डूबने तक का, पूरा नज़ारा होना चाहिए घर ऐसा होना चाहिए। 🏡 जहाँ परिंदे दिनभर गीत सुनाऐं, हवा ज़ुल्फ..

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“वो पल” ~अरशफा
“रहगुज़र” ~अरशफा
“रहगुज़र” ~अरशफा

चलते-चलते जो थक कर बैठा  तो यही अंजाम निकला, वो करार जिसे मंज़िल था समझा रहगुज़र निकला । ना हसरतों को पा के कुछ हुआ ना ख्वाबों की ताबीर..

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“चश्म-ए-तर” ~अरशफा
“Smile Under My Mask” by: Poonam
“Smile Under My Mask” by: Poonam

“Covid Era has prompted us to change our lifestyle. It is urging to spend less on lipsticks & invest more on our ‘Smile’. Smile, that doesn’t collapse..

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“आँखें” ~अरशफा~
“आँखें” ~अरशफा~

सुना है उस की आँखें आइना हैं,  चलो अपना चेहरा देख आओ ज़रा। मुद्दत हुई साथ गैरों के रहते तुम्हें,  जाओ खुद से ही मिल आओ ज़रा। बन्द कमरे में..

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